उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दो साल दूर है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि आगामी चुनाव में सूखे पत्ते की तरह भाजपा का सफाया हो जाएगा।
कन्नौज पहुंचे सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत में प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए गरीब, किसान, महाकुंभ सहित अन्य मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरा।
महाकुंभ की “खराब व्यवस्था” के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री महाकुंभ की व्यवस्था की निगरानी खुद कर रहे थे। लेकिन, महाकुंभ में हादसा हुआ, कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। सरकार मौत का सही आंकड़ा नहीं पेश कर रही है क्योंकि उसे डर है कि अगर कहीं मौत का आंकड़ा जारी कर दिया तो उनकी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।”
सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने कभी गंगा के पानी पर सवाल नहीं उठाया, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा के पानी को खराब बताया। लेकिन, उत्तर प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कह रहा है कि गंगा का पानी साफ है। इससे स्पष्ट होता है कि “लखनऊ वाले दिल्ली वालों को गाली दे रहे हैं”।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों-गरीबों की नहीं है। यदि ऐसा होता तो किसानों-गरीबों की खुशहाली के लिए कार्यक्रम हो रहे होते। सरकार के पिछले नौ बजट पर गौर करें तो साफ हो जाता है कि प्रदेश की सरकार किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है। अगर सरकार ने काम किया होता तो गांवों की तस्वीर कुछ और होती।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार किसानों को समय पर खाद और बीज मुहैया नहीं करा पा रही है। किसानों को कीटनाशक दवाइयां नहीं मिल रही हैं। फसल नुकसान की भरपाई भी नहीं हो रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि राज्य में पिछले नौ साल में युवाओं को रोजगार नहीं मिला। युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। गरीबों को महंगी बिजली दी जा रही है। चौबीस घंटे बिजली देने का दावा खोखला साबित हुआ है।