26/11 आतंकी हमलों की भारत 13वीं बरसी मना रहा है फिर भी 166 पीड़ितों के परिवारों को न्याय नहीं मिल पाया है। ऐसे में भारत ने पाकिस्तान से सुनवाई तेज करने को कहा है। भारत ने कहा कि 166 पीड़ितों के परिवारों न्याय का इंतजार कर रहे हैं। हम बात महाराष्ट्र की सियासत की भी करेंगे। जहां एक तरफ 2 दिन बाद उद्धव सरकार के 2 साल पूरे होने वाले हैं वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की भविष्यवाणी ने उद्धव सरकार की रातों की नींद छीन ली है और अंत में बात केजरीवाल सरकार की करेंगे। केजरीवाल ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की एमएसपी वाली मांग जायज है। इसके ऊपर हमने भी बहुत अध्ययन किया है। भारत ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले की 13वीं बरसी पर पाकिस्तान उच्चायोग के एक राजनयिक को तलब किया। इस दौरान भारत ने पाकिस्तानी राजनयिक से कहा कि 166 पीड़ितों के परिवार सुनवाई पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले की तेजी से सुनवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से अपने भूभाग का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिये नहीं करने की अनुमति देने की प्रतिबद्धता का पालन करने को कहा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह बेहद दुख की बात है कि 26/11 हमले के 13 साल बाद भी 166 पीड़ितों के परिवार मामले की सुनवाई पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तान 26/11 हमले के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने को लेकर अधिक गंभीरता नहीं दिखा रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि इस आतंकी हमले की योजना पाकिस्तान में बनी थी और वहीं से इसे कार्यान्वित किया गया था।
आपको बता दें कि 26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादी समुद्री रास्ते से मुंबई में दाखिल हुए थे और उन्होंने कई स्थानों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें 18 सुरक्षाकर्मियों समेत 166 लोगों की मौत हुई थी। जहां 28 नवंबर को महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की भविष्यवाणी से प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। नारायण राणे ने दावा किया कि भाजपा मार्च में महाराष्ट्र में सरकार बनाएगी। आपको बता दें कि नारायण राणे का बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा नेता चंद्रकांत पाटिल के साथ-साथ एनसीपी प्रमुख शरद पवार राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद थे। नारायण राणे ने कहा कि सरकार गिराना और बनाना गुप्त रूप से किया जाता है और इस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जा सकती है। आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव परिणाम में प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा सरकार से बाहर है क्योंकि चुनाव बाद शिवसेना ने उनसे नाता तोड़कर एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी।